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गले के छालों से निजात दिलाà¤à¤‚गे à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ के बताठये 7 घरेलू उपाय
सरà¥à¤¦à¥€ ही नहीं बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² और फंगल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ à¤à¥€ गले में होने वाले दरà¥à¤¦ की वजह हो सकते हैं। कà¤à¥€â€“ कà¤à¥€ ये गंà¤à¥€à¤° छालों के रूप में à¤à¥€ महसूस होने लगते हैं। पर आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में इनका à¤à¥€ उपचार है।
निगलने की कोशिश करते समय गले में तेज दरà¥à¤¦ होना हमेशा सरà¥à¤¦à¥€ के कारण नहीं होता है। यह à¤à¤• बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² या फंगल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ à¤à¥€ हो सकता है। जिसके कारण गले में अलà¥à¤¸à¤° (Throat ulcer) हो सकता है। इन इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤‚स के कारण à¤à¤¸à¤¿à¤¡ रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ (Acid reflux) और गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤‚टेसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨à¤² दिकà¥à¤•तें à¤à¥€ हो सकती हैं। पर कà¥à¤¯à¤¾ हैं इसके कारण (Causes of throat ulcer) और आप घर पर ही इनका उपचार (Throat ulcer home remedies) कैसे कर सकती हैं, आइठजानते हैं इस बारे में सब कà¥à¤›à¥¤
पहले समà¤à¤¿à¤ कà¥à¤¯à¤¾ हैं गले में होने वाले छाले
गले में होने वाले छाले, मà¥à¤‚ह के छालों से अलग हैं। इनके होने पर आपको कà¥à¤› à¤à¥€ निगलने में परेशानी होने लगती है। ये समसà¥à¤¯à¤¾ आमतौर पर 4-5 दिनों तक जारी रहती है। निगलने में असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾, कान में तेज़ दरà¥à¤¦ के साथ लाल और सूजे हà¥à¤ घाव तक हो सकते हैं। जो खाने और बोलने को मà¥à¤¶à¥à¤•िल बनाते हैं। मेडिकल पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¶à¤¨à¤² सलाह देते हैं कि अगर यह समसà¥à¤¯à¤¾ 8-10 दिन तक चलती है, तो बिना देर किठफ़ौरन अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• किया जाना चाहिà¤à¥¤
कà¥à¤¯à¤¾ हैं गले में छाले या अलà¥à¤¸à¤° के कारण
1 इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® का कमज़ोर होना गले में होने वाले छाले के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारणों में से à¤à¤• है। अगर आपको हरà¥à¤ªà¥€à¤¸ की शिकायत है, तो à¤à¥€ आपकी रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कमज़ोर हो सकती है। इसके वायरस मà¥à¤‚ह और गले दोनों को संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ कर सकते हैं।
2 à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤• फ़ूड जैसे अनानास, टमाटर, काली मिरà¥à¤š आदि à¤à¥€ गले में होने वाले छालों के लिठज़िमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हो सकते हैं।
3 à¤à¤¸à¤¿à¤¡ रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ और पेट की अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚
4 बी-कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ की कमी, फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की कमी, आयरन या अनà¥à¤¯ किसी मिनिरल की शरीर में कमी à¤à¥€ इसके लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हो सकती है।
5 à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤• फ़ूड कॉमà¥à¤ªà¥‹à¤¨à¥‡à¤¨à¥à¤Ÿ जैसे सिटà¥à¤°à¤¸ फ़ूड, विनेगर के साथ ही कैफीन और अलà¥à¤•ोहल वाली खाने- पीने की चीज़ें अधिक लेने से गले में अलà¥à¤¸à¤° हो सकता है।
कब गंà¤à¥€à¤° हो सकते हैं लकà¥à¤·à¤£
गले के अलà¥à¤¸à¤° के सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में सांसों की दà¥à¤°à¥à¤—ंध, खांसी, सांस लेने में कठिनाई होना, मवाद, गले में खराश और बोलने में कठिनाई होना शामिल हैं। कà¤à¥€-कà¤à¥€, गले में दरà¥à¤¦ होना किसी जानलेवा बीमारी का संकेत हो सकता है। इसलिठआपको बिना देर किठअपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करनी चाहिà¤à¥¤
cough ke lakshan.
गले में होने वाला दरà¥à¤¦ अगर गले के छालों की वजह से है तो तेल, मसाले और à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‰à¤ªà¤°à¤Ÿà¥€ वाले खाने से बचें।
घà¥à¤Ÿà¤¨ महसूस होना, मेमोरी लॉस, फीवर, सांस की तकलीफ जैसे संकेतों पर नज़र रखें। इन सà¤à¥€ के लिठआपको तà¥à¤°à¤‚त असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ होने की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है। गले के अलà¥à¤¸à¤° में गले का दरà¥à¤¦ ही नहीं शरीर में दरà¥à¤¦, बà¥à¤–ार और ठंड लगना जैसे लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ हो सकते हैं।
यहां हैं गले के छालों को दूर करने के 7 घरेलू उपचार
à¤à¤²à¥‡ ही आपके गले में होने वाली खराश, असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ या छाले इतने गंà¤à¥€à¤° न हो कि पैनिक अलारà¥à¤® सेट कर सकें, फिर à¤à¥€ यह परेशान तो करता ही है। जिससे आपकी नींद à¤à¥€ बाधित हो सकती है।
वैदà¥à¤¯ यजà¥à¤ž दतà¥à¤¤ शरà¥à¤®à¤¾ आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ महाविदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯, खà¥à¤°à¥à¤œà¤¾ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¾ विà¤à¤¾à¤— के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· डॉकà¥à¤Ÿà¤° रामेशà¥à¤µà¤° पाणà¥à¤¡à¥‡à¤¯ गले के छाले कम करने में मदद के लिठकà¥à¤› घरेलू व पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक उपचार साà¤à¤¾ कर रहे हैं :
1 शहद और अदरक का रस
गले में खराश के लिठà¤à¤• आम घरेलू इलाज में सबसे पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ नà¥à¤¸à¥à¤–ा है शहद। जिसे बà¥à¤²à¥ˆà¤• टी के साथ मिला कर लिया जा सकता है। अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ से साबित होता है कि शहद रात à¤à¤° की खांसी पर काबू पाने के साथ- साथ à¤à¤• à¤à¤¨à¥à¤Ÿà¥€à¤¬à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² à¤à¥€ है, जिससे घाव à¤à¤°à¤¨à¥‡ में मदद मिलती है। à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š अदरक के रस के साथ à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š शहद मिलाà¤à¤‚। बेहतर असर के लिठइस मिकà¥à¤¸à¤šà¤° को दिन में तीन बार लें।
2 नमक पानी से गरारे करना
नमक के पानी से गरारे करने से कफ की दिकà¥à¤•त से निजात मिल सकती है। यह à¤à¤‚टी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² है तो बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के मरने से गले की खराश से à¤à¥€ राहत मिलेगी।
à¤à¤• गिलास गरà¥à¤® पानी में आधा चमà¥à¤®à¤š नमक मिलाकर घोल बनाà¤à¤‚, जिससे सूजन कम और गले को साफ किया जा सकता है। हर तीन घंटे में गरारा करें। नमक के पानी से गरारे करने के लिठसेंधा नमक का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदेमंद रहेगा।
throat ulcer
गले में होने वाले अलà¥à¤¸à¤° से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने के लिठनमक पानी से गरारा करें
3 कैमोमाइल टी
कैमोमाइल चाय आपके गले की सिंकाई कर उसमें होने वाली इचिंग और दरà¥à¤¦ के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को शांत करती है। इसके à¤à¤‚टीबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤², à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट और बिटर टेसà¥à¤Ÿ इसे गले के छाले को ठीक करने में पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ बनाता है। इसका उपयोग लंबे समय से गले में खराश को कम करने के लिठकिया जाता रहा है। गले में खराश सहित ठंड के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम करने में मदद करने के लिठकैमोमाइल सà¥à¤Ÿà¥€à¤® लेना à¤à¥€ लाà¤à¤•ारी है।
अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ की मानें तो यह आपकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ यानी इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® को बूसà¥à¤Ÿ करके शरीर को वायरस से लड़ने में मदद करती है। कैमोमाइल टी को अपने टी टाइम रूटीन का हिसà¥à¤¸à¤¾ बनाà¤à¤‚, तो थà¥à¤°à¥‹à¤Ÿ अलà¥à¤¸à¤° आपके आसपास à¤à¥€ नहीं फटकेगा।
4 बेकिंग सोडा
बेकिंग सोडा के साथ गरारे करने से à¤à¥€ गले में खराश को कम करने में मदद मिल सकती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को मारता है और यीसà¥à¤Ÿ को पनपने ही नहीं बढ़ने से à¤à¥€ रोकता है।
इसके लिठआप 1 कप गरà¥à¤® पानी, 1/4 टीसà¥à¤ªà¥‚न बेकिंग सोडा, और 1/8 टीसà¥à¤ªà¥‚न नमक से गरारे करने चाहिठऔर धीरे से कà¥à¤²à¥à¤²à¤¾ करना चाहिà¤à¥¤
5 मेथी की चाय
मेथी कई सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाठपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करती है पर कà¥à¤¯à¤¾ आपने मेथी की चाय के बारे में सà¥à¤¨à¤¾ है? अगर नहीं तो बता दें कि यह गले में खराश का à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक उपचार है। इसमें मौजूद चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ और à¤à¤‚टी-फंगल गà¥à¤£ गले के दरà¥à¤¦ को कम कर सकते हैं और साथ ही जलन या सूजन पैदा करने वाले बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को à¤à¥€ खतà¥à¤® कर सकता है।
मेथी की चाय बनाने के लिठआप à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š मेथी दाने को à¤à¤• कप पानी में पानी के आधा रह जाने तक उबालें। फिर छान कर इसमें आधा चमà¥à¤®à¤š शहद मिलाà¤à¤‚ और गरà¥à¤® ही पिà¤à¤‚। इसे बीज के रूप में सेवन करें या मेथी की चाय बनाà¤à¤‚।
6 à¤à¤ªà¥à¤ªà¤² साइडर विनेगर
à¤à¤ªà¥à¤ªà¤² साइडर विनेगर बीमारियों से लड़ने में पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से सकà¥à¤·à¤® है। इसका उपयोग गले में बलगम को जमा होने से रोकने के लिया किया जा सकता है। इसकी अमà¥à¤²à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤•ृति (acidic nature) के कारण इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के गले में फैलने से रोकने में मदद के लिठकिया जा सकता है। इसके इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² के लिठà¤à¤• कप पानी में 1 से 2 चमà¥à¤®à¤š ACV घोलें और हर घंटे इससे गरारे करें।
7 लहसà¥à¤¨
लहसà¥à¤¨ में रोगाणà¥à¤°à¥‹à¤§à¥€ गà¥à¤£ होते हैं जैसे कि à¤à¤²à¤¿à¤¸à¤¿à¤¨, à¤à¤• ऑरà¥à¤—ोसलà¥à¤«à¤° रसायन। इनमें पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से संकà¥à¤°à¤®à¤£-रोधी गà¥à¤£ होते हैं। अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ से पता चलता है कि नियमित रूप से लहसà¥à¤¨ की खà¥à¤°à¤¾à¤• लेने से सामानà¥à¤¯ सरà¥à¤¦à¥€ के वायरस की रोकथाम में मदद मिल सकती हैं। अपनी डाइट में ताजा लहसà¥à¤¨ शामिल करने से आपको इसकी जीवाणà¥à¤°à¥‹à¤§à¥€ विशेषताओं के लाठमिल सकते हैं।
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